

कोसली, रेवाड़ी।
प्रेस रिपोर्टर —होशियार सिंह, (अखंड भारत न्यूज), कोसली गांव के वर्तमान सरपंच रामकिशन जांगड़ा व शिवपुरी द्वारा भंडारे के लिए चलाए जा रहे ‘एक कटोरी चीनी अभियान’ का गांव के काफी पंचायत सदस्यों, लम्बरदारों सहित गणमान्य व्यक्तियों ने पुरजोर विरोध किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच रामकिशन जांगड़ा व शिवपुरी को कोसली गांव के प्राचीन इतिहास के बारे में पूरी जानकारी नहीं है और इससे पहले भी दोनों द्वारा गांव के इतिहास को बदलने के प्रयास किए जाने के आरोप लगते रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीते कल दोनों ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर बाबा मुक्तेश्वरपुरी महाराज के मठ-धर्म स्थल को इलाके में अपमानित एवं बदनाम करने की एक नई चाल चली है, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इनमें ज्यादातर वही लोग शामिल हैं जो भंडारे की आड़ में अपने निजी बारकोड के माध्यम से चंदे के नाम पर बड़ी रकम एकत्र करते हैं। एक ग्रामीण द्वारा बताया गया कि पिछले वर्ष भंडारे के दौरान 15 सितंबर 2025 को शक्ति सिंह व मास्टर लखन यादव के बैंक खातों में लगभग चार लाख रुपये से अधिक की राशि आई थी। आरोप है कि यह राशि बाद में नकद रूप से सरपंच रामकिशन को सौंप दी गई थी, जिसका हिसाब अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि भंडारे से संबंधित इस पूरे मामले में सरपंच रामकिशन द्वारा कमेटी के मास्टर माइंड बताए जा रहे संजय कुमार पुत्र बिजेंद्र सिंह के इशारे पर कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भंडारे के नाम पर एकत्र होने वाली राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने कहा कि मठ-मंदिर की धार्मिक भावना और गांव की प्राचीन परंपराओं के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। बाबा मुक्तेश्वरपुरी महाराज के भंडारे में सभी को तन-मन से सेवा करनी चाहिए तथा भंडारे के लिए आने वाली राशि और सामग्री में पूरी पारदर्शिता रखी जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने कोसलीवासियों से भी अपील की कि वे आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए धार्मिक स्थल की गरिमा एवं गांव की प्राचीन परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहें।

